03 Apr

दुर्गा अष्टमी चैत्र  मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है । इस दिन पर्वतराज की पुत्री पार्वती ने अवतार लिया था । इस दिन कुंवारी कन्यायें और सुहागिनें पार्वतीजी की गोबर से निर्मित प्रतिमा का पूजन करती हैं । नवरात्रों के बाद इस दिन दुर्गा जी की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है । इसलिये इसे दुर्गाष्टमी भी कहते हैं ।

इस पर्व पर नवमी को प्रातःकाल देवी का पूजन होता है । पार्वतीजी के निमित्त व्रत करने वाली महिलाओं को पति सेवा का भाव नहीं भूलना चाहिए ।