21 Sep

The first day is the day of Shailaputri Devi. Shailaputri literally means the daughter (putri) of the mountains (shaila). Variously known as Sati Bhavani, Parvati or Hemavati, the daughter of Hemavana – the king of the Himalayas, she is the first among Navadurgas. Her worship takes place on the first day of Navratri – the nine divine nights. The embodiment of the power of Brahma, Vishnu and Shiva, she rides a bull and carries a trident and a lotus in her two hands. The color to wear on the first day is Yellow. 

माँ शैलपुत्री की पूजा इस मंत्र के उच्चारण से की जानी चाहिए-

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

मां शैलपुत्री की पूजा। यहां पढ़ें मां शैल पुत्री की आरती

 

शैलपुत्री मां बैल असवार। करें देवता जय जयकार। 
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी। 

पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे। 
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू। 

सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी। 
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो। 

घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के। 
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं। 

जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे। 
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।