20 Jul

1 ब्रहाचर्य का पालन करें | जमीन अथवा तख्त पर सोना वर्जित माना गया है |

2 रास्ते भर बोल बम - बोल का उच्चारण करें एवं सायंकाल को भजन कीर्तन करें |

3 अपने संगी - साथी कावड़ियों की सहयता करें |

4 कांवड़ को हमेशा ऊँचे और स्वच्छ स्थान पर ही रखना चाहिए |

5 प्रातः काल और सांयकाल को कांवड़ उठते समय हमेशा कांवड़ दाहिने कन्धे पर ही रखें |

6  कांवड़ को दायें  कन्धे से बायें कन्धे पर रखते समय कांवड़ को पीछे से ले जाएं | सिर के ऊपर से नहीं ले जाना चाहिए |

7 भोजन , नींद , एवं शौच के बाद स्नान अवश्य करना चाहिए |

8 कावडिये को अपना मन शुद्ध रखना चाहिए और मन में सच्ची श्रद्धा व लग्न होनी चाहिए |

9 कांवड़ियों को चाहिए कि वे रास्ते में तेल , साबुन , कघा आदि का इस्तेमाल न करें |

10 चारपाई पर न बैठें और न ही शयन करें |

11 चमड़े का सामान भी साथ में नहीं रखना चाहिए |

12 मदिरापान व नशा नहीं करना चाहिए

13 किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए |