06 Oct

 

जिस वर्ष लड़की की शादी होती है उस वर्ष बहु के मायके से चौदह चीनी के करवे ( उनमें पांच पांच पताशे , रुपया रखकर ) सबके मोली बांधकर , रोली से सतिया करके , साड़ी ब्लाऊज पैर पड़ाई के रुपये चौदह दक्कन वाले बर्तन , एक लोटे में चावल , दामाद के कपड़े , एक खांड ( चीनी ) का करवा पानी  एक मिट्टी का करवा अथवा सामर्थ्यनुसार स्टील या चांदी का करवा पानी भरकर नाला बांधकर सतिया करके तेरह टिक्की करके फल , मिठाई , पूरी , सब्जी , हलवा आदि के साथ विशेष बायना भी आता है | यदि किसी के यहां पर ज्यादा खर्च है तो चीनी के करवे व बर्तन चौदह की जगह इक्कीस भी दे सकते हैं | इस व्रत में चन्द्रमा की अध्य देने के बाद ही खाना खाते हैं और इस व्रत में फलाहार नहीं होता |