20 Sep

 

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक की तिथियों को नवरात्र कहते हैं | घट स्थापना दुर्गापूजन सामग्री में गंगाजल , रोली , मौली , पान , सुपारी , धूपबती , घी का दीपक , फल , फूल की माला , विपल्वपत्र , चावल , केले का खम्भा , वन्दनवार के वास्ते आम के पत्ते , चन्दन , घट , नारियल , हल्दी  की    पंचरत्न , लाल वस्त्र , चावल से भरा हुआ पात्र , गंगा की मृतिका , जौ , बताशा , सुगन्धित तेल , सिन्दूर , कपूर , पंच सुगन्ध , नैवेद के लिए फल आदि | पंचामृत के लिए दूध , दही , मधु , चीनी , गाय का गोबर , गौ मूत्र , गौ दूध , गौ दही , गौ घृत , दुर्गा जी की सोने की मूर्ति या मृतिका की प्रतिमा , कुमारी पूजन के लिए वस्त्र , आभूषण तथा   नैवेद्यादि अष्टमी , में ज्योति पूजन के वास्ते उपरोक्त सामग्री | डाभ , घृत , गंगाजल |